Armature Reaction in Hindi - आर्मेचर रिएक्शन

Armature Reaction in Hindi - आर्मेचर रिएक्शन

इस पोस्ट में हम आर्मेचर रिएक्शन (Armature Reaction in Hindi) के बारे में जानेंगे, जब हम डीसी जनरेटर या डीसी मोटर (DC Motor in Hindi) पढ़ते हैं तब हमें उनकी हानियों तथा कमियों को भी जानना आवश्यक होता है, डीसी जनरेटर तथा मोटर के हानियों को हम कम करके उनकी एफिशिएंसी को बढ़ाते हैं जिससे कि कम से कम ऊर्जा के खपत में अधिक से अधिक आउटपुट प्राप्त कर सकें|
डीसी मोटर तथा जनरेटर में जब ब्रुशों पर स्पार्किंग होती है तब दो प्रकार की कमियां या हानियाँ होती हैं- 
  • आर्मेचर रिएक्शन (Armature Reaction in Hindi) 
  • कंप्यूटेशन (Commutation)

What is Armature Reaction in Hindi-

डीसी जनरेटर (DC Generator in Hindi) में जब जनरेटर emf उत्पन्न करता है तथा उसे लोड से जोड़ते हैं तो आर्मेचर के कंडक्टरो में भी विद्युत धारा का प्रवाह होने लगता है, चुकी आर्मेचर कंडक्टर क्वायल के रूप मं  होते हैं अतः उसमें भी चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है, I
लेंज के नियम अनुसार आर्मेचर में उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र मुख्य फ्लक्स का विरोध करता, जिसके कारण मुख्य फलक कमजोर हो जाता है तथा जनरेटर में उत्पन्न होने वाले emf का मान कम हो जाता हैI
आर्मेचर रिएक्शन (Armature Reaction in Hindi) को विस्तार पूर्वक समझने के लिए हमें निम्न बिंदुओं को भी समझना होगा- 
  • Magnetic neutral axis in Hindi (MNA in Hindi)
  • Geometrical Neutral Axis in Hindi (GNA in Hindi)

Geometrical Neutral Axis in Hindi - GNA

GNA- ज्योमैट्रिकल न्यूट्रल एक्सिस (geometrical neutral axis-GNA) वह अक्ष है जो आमने-सामने के चुंबकीय पोलो के लम्बवत खींची गई एक काल्पनिक रेखा है, ज्योमैट्रिकल न्यूट्रल एक्सिस (geometrical neutral axis-GNA) पर लोड के घटने अथवा बढ़ने का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है| 

Magnetic Neutral Axis in Hindi - MNA

मैग्नेटिक न्यूट्रल एक्सिस (Magnetic neutral axis-MNA) वह अक्ष है जो चुंबकीय बल रेखाओं के लंबवत काल्पनिक रेखा के रूप में खींची जाती है, मैग्नेटिक न्यूट्रल एक्सिस (Magnetic neutral axis-MNA) लोड के घटने अथवा बढ़ने पर बदल जाती है, ब्रूसो पर स्पार्किंग होने की अवस्था में, हम ब्रुशों को मैग्नेटिक न्यूट्रल एक्सिस (Magnetic neutral axis-MNA) पर ही रखते हैं|

Armature reaction in DC generator in Hindi-

Armature Reaction in Hindi

जब हम डीसी जनरेटर (DC Generator in Hindi) को स्टार्ट करते हैं, तथा बाहरी लोड से जोड़ते हैं तब आर्मेचर क्वायल (Armature Coil) में विद्युत धारा का प्रवाह प्रारंभ हो जाता है, जिस प्रकार किसी क्वायल में विद्युत धारा के प्रवाह से चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) उत्पन्न हो जाता है ठीक उसी प्रकार आर्मेचर (Armature) में भी चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है यह चुंबकीय क्षेत्र फील्ड पोलो द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की समानता को नष्ट करता है तथा साथ ही साथ फ्लक्स को कमजोर भी करता है, 
उपरोक्त घटना के कारण मुख्य pole की चुंबकीय बल रेखाएं Ɵ डिग्री मुड़ जाती हैं और MNA भी GNA से Ɵ डिग्री मुड़ जाता है जिसके कारण ब्रुशों पर स्पार्किंग होती है,
स्पार्किंग को कम करने के लिए ब्रूस रोकर के द्वारा ब्रुसों को MNA पर लाते हैंI

आर्मेचर रिएक्शन के प्रभाव (Effect of Armature Reaction)-

  1. आर्मेचर रिएक्शन के कारण पुरुषों पर स्पार्किंग होती है I
  2. आर्मेचर रिएक्शन के कारण डीसी जनरेटर में उत्पन्न ईएमएफ का मान घट जाता है I
  3. आर्मेचर रिएक्शन के कारण मुख्य पोलो की चुंबकीय शक्ति घट जाती है I
  4. इसके कारण पोलो के शुरुआती सिरों पर चुंबकीय फ्लक्स का मान कम हो जाता है तथा अंतिम सिरे पर चुंबकीय फ्लक्स का मान बढ़ जाता हैI 
  5. आर्मेचर रिएक्शन के कारण मशीन की एफिशिएंसी घट जाती है I
  6. आर्मेचर रिएक्शन के कारण कमयुटेटर जल्दी खराब होने लगते हैं, तथा आर्मेचर में शार्ट सर्किट की संभावना बढ़ जाती हैI

How to reduce armature reaction?

How to reduce armature reaction

  1. आर्मेचर रिएक्शन को कम करने के लिए brush को सदैव mna पर रखते हैं I
  2. आर्मेचर रिएक्शन को कम करने के लिए, फील्ड पोलो में टर्न ओं की संख्या बढ़ा देते हैं I
  3. चुकी आर्मेचर रिएक्शन फील्ड पोलों के पोल टीप पर होती है अतः pole tip पर reluctance को बढ़ा देते हैं,जिसके लिए pole tip को थोड़ा काट देते हैं I
  4. आर्मेचर रिएक्शन को कम करने के लिए pole के सिरों को इस प्रकार व्यवस्थित करते हैं कि उनके बीच एयर गैप आ जाए जिससे चुंबकीय बल दिखाएं कोनों पर जाने के बजाय बीच से होकर जाएंगी I
  5. आर्मेचर रिएक्शन को कम करने के लिए मुख्य पोल के अतिरिक्त छोटी पुल जिसे हम इंटरपोल कहते हैं उसका प्रयोग करते हैंI 
  6. आर्मेचर रिएक्शन को कम करने के लिए कंपनसेटिंग वाइंडिंग का प्रयोग करते हैं, जिस में बहने वाले धारा की दिशा आर्मेचर में बहने वाली धारा की दिशा के विपरीत होता है

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