What is Fuse in Hindi? (फ्यूज क्या होता है ?)

 {Detailed} What is Fuse in Hindi? (फ्यूज क्या होता है ?)

What is Fuse in Hindi? (फ्यूज क्या होता है ?)


आइए आज हम विद्युत फ्यूज को विस्तार पूर्वक जानते हैं| 

परिचय (Introduction of Fuse in Hindi)-

जब हम आईटीआई इलेक्ट्रिशियन थ्योरी की पढ़ाई करते हैं तब हमें स्वयं की सुरक्षा के बारे में सर्वप्रथम बताया जाता है| जब हम विद्युत को और अच्छे से समझने लगते हैं तब हमें विद्युत सर्किट की सुरक्षा के बारे में भी जानकारी होना आवश्यक हो जाता है 
विद्युत सर्किट की सुरक्षा का तात्पर्य इस प्रकार से है कि जब सर्किट में असामान्य करंट बहती है तब सर्किट तथा सर्किट से लगी उपकरण को खराब होने से बचाया जा सके, 

फ्यूज क्या है ?(What is Fuse in Hindi)-

विद्युत सर्किट की सुरक्षा के लिए जिस डिवाइस का प्रयोग करते हैं, उसे फ्यूज कहते हैं| 
फ्यूज सुरक्षा उपकरण है, जो सर्किट में अधिक करंट, या शार्ट सर्किट की अवस्था में विद्युत धारा को सर्किट में बहने से रोकता है, अर्थात सर्किट को ओपन करता है| 

फ्यूज के संबंध में क्या आवश्यक है? (Important Point of Fuse in Hindi)-

फ्यूज के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को अवश्य ही ध्यान में रखना चाहिए- 
  • फ्यूज सदैव सर्किट के सीरीज में जुड़ा होना चाहिए| 
  • क्यूज को हमेशा 30 बार में लगाना चाहिए| 
  • फ्यूज वायर की करंट रेटिंग सदैव लोड के अनुसार होना चाहिए| 
  • भिन्न भिन्न प्रकार के फ्यूज का प्रयोग लोड की प्रकृति के आधार पर करना चाहिए| 
  • मोटर की अवस्था में जिसे प्रारंभ में उच्च करंट तथा बाद में सामान्य करण की आवश्यकता होती है ऐसे स्थानों पर सदैव एचआरसी फ्यूज का प्रयोग करते हैं| 
  • औद्योगिक जगहों पर सदैव कॉटेज फ्यूज का प्रयोग करते हैं| 
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ग्लास फ्यूज का प्रयोग किया जाता है|

ऐसे सभी स्थान जहां पर विद्युत आपूर्ति हो रही होती है, चाहे वह घरेलू वायरिंग को दी जाने वाली विद्युत आपूर्ति हो, या किसी विद्युत मशीन को या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ऐसे सभी स्थानों पर हम देखते हैं कि विद्युत फ्यूज लगा होता है जो घरेलू वायरिंग, विद्युत मशीन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इत्यादि को खराब होने से बचाता है|

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फ्यूज की सही रेटिंग, या प्रकार ना होने की वजह से, भवनों में, या गोदामों में आग लग जाती हैं| 
अतः हमें सदैव ऐसे सभी जगह जहां विद्युत की सप्लाई दी जाती हैं उसके पहले एक निर्धारित रेटिंग का फ्यूज अवश्य लगा देना चाहिए|

फ्यूज कैसे कार्य करता है? (How Fuse work in Hindi?)- 

फ्यूज कैसे कार्य करता है, इसके बारे में बहुत कम लोगों ने बताया है, आइए आज जानते हैं कि फ्यूज कैसे कार्य करता है| 
चलिए मान लेते हैं, किसी विद्युत परिपथ में कोई फ्यूज नहीं लगा है, तथा इस परिपथ में धारा प्रवाहित हो रही है, यदि किसी कारण से या विद्युत उपकरण में खराबी हो जाने के कारण, शॉर्ट सर्किट हो जाता है, और उस धारा का प्रवाह प्रारंभ हो जाता है, हम जानते हैं की उच्च धारा प्रवाह के कारण, विद्युत केबल या चालक गर्म होने लगेंगे, गर्म होने का सबसे ज्यादा प्रभाव ऐसे स्थान पर पड़ेगा जहाँ का गलनांक दुसरे जगहों की अपेक्षा कम होगा, जिसके फलस्वरूप उसी स्थान पर चालक पिघलने लगेगा, तथा यह प्रक्रिया तब तक चलता रहेगा, जब तक की वाह सर्किट ओपन नहीं हो जाता है| 
उपरोक्त विशेषता का प्रयोग करके सर्किट में हम पहले से ही एक कमजोर भाग अर्थात कम गलनांक वाले विद्युत चालक का प्रयोग करते हैं, जो सर्किट में खराबी के कारण,पहले ही पिघल जाता ह

फ्यूज वायर (Fuse Wire in Hindi)- 

उपरोक्त में हमने जाना है, कि फ्यूज कैसे कार्य करता है, उपरोक्त में हमने जाना कि फ्यूज मूल रूप से एक चालक ही होता है, परंतु इसका गलनांक सर्किट में लगे अन्य चालकों की अपेक्षा कम होता है, 
अतः फ्यूज वायर के लिए हम ऐसे चालक का प्रयोग करेंगे जिस का गलनांक कम हो| इसके लिए हम चांदी कॉपर, एलुमिनियम, इत्यादि का प्रयोग कर सकते हैं, परंतु इनका प्रयोग न करके हम लेट तथा टिन का एलॉय प्रयोग करते हैं, 
फ्यूज बार में प्रयोग किए जाने वाले लीड तथा टिन की प्रतिशतता 63% तथा 37% होती है

फ्यूज के प्रकार (Types of Fuse in Hindi) - 

फ्यूज निम्न प्रकार के होते हैं- 
  • किटकैट फ्यूज या रीवायरेबल फ्यूज (Re-wirable Fuse or Kit-Kat Fuses)
  • कार्टरेज फ्यूज (Cartridge Fuse)
  • एचआरसी फ्यूज (HRC Fuse-High Rupturing Capacity Fuse)
  • ग्लास फ्यूज (Glass Fuse)

एक फ्यूज में निम्न भाग होते हैं (Parts of Fuse in Hindi)

  • फ्यूज करियर (fuse carrier)
  • फ्यूज बेस (Fuse Base)
  • फ्यूज वायर (Fuse Wire)
  • फ्यूज बेस कांटेक्ट (Fuse Carrier Contact)
  • फ्यूज कैरियर कांटेक्ट (Fuse Base Contact)

फ्यूज करियर (fuse carrier)-

फ्यूज वायर को फ्यूज कैरियर में फ्यूज कैरियर कांटेक्ट के द्वारा कसा जाता है|

फ्यूज बेस (Fuse Base)

फ्यूज बेस एक स्थिर भाग होता है जिसे हम बोर्ड पर करते हैं जिसमें विद्युत सप्लाई का एक इनपुट तथा आउटपुट तार जुड़ा होता है |

फ्यूज वायर (Fuse Wire)

फ्यूज वायर कम गलनांक चालक का बना होता है सामान्य रूप से यह लीड तथा टीम के अलवर से बना होता है|

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फ्यूज के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएं- 

फ्यूज वायर की करंट रेटिंग (Current rating of Fuse wire)- 

जिस प्रकार से किसी चालक का करंट रेटिंग होता है, उसी प्रकार से फ्यूज वायर का भी एक निश्चित करंट रेटिंग होता है, फ्यूज का करंट रेटिंग यह बताता है कि सामान्य तौर पर अधिकतम कितने करंट को इस बार में से सामान्य अवस्था में प्रवाहित किया जा सकता है 

फ्यूज वायर का फ्यूजिंग करंट (Fusing Current of Fuse Wire)- 

करंट का वह न्यूनतम मान जो किसी फ्यूज वायर में प्रवाहित करने पर वापी घर जाता है तब इस करंट को उस फ्यूज वायर का फ्यूजिंग करंट कहते हैं 

फ्यूजिंग फैक्टर (Fusing Factor)- 

फ्यूजिंग करंट तथा फ्यूज वायर के करंट रेटिंग के अनुपात को फ्यूजिंग फैक्टर करते हैं |
रीवा रेबल फ्यूज का फ्यूजिंग गुणक 1.4 से 1.7 तक परिवर्तित होता रहता है जिसका अधिकतम परिवर्तन 2.0 तक हो सकता है परंतु एचआरसी फ्यूज के लिए फ्यूजिंग गुणांक 1.1  होता है|
आइए अब हम फ्यूज ओं के प्रकार को विस्तार पूर्वक समझते हैं| 

रिवायरेबल फ्यूज या किटकैट फ्यूज (Re-wirable Fuse or Kit-Kat Fuses)- 

रिवायरेबल फ्यूज या किटकैट फ्यूज (Re-wirable Fuse or Kit-Kat Fuses)
  • किटकैट फ्यूज समानता पोर्सिलिंग का बना होता है, 
  • इसका प्रारंभिक मूल्य तथा अनुरक्षण सस्ता होता है 
  • इसका फ्यूज वायर 63% 3 तथा 37% लेट से बना होता है 
  • इसका सर्वाधिक प्रयोग घरेलू वायरिंग में आईसीडीपी मेन स्विच या आईसीटीपी मेन स्विच में करते हैं 
  • इसका क्रियांश गुणांक तथा विदारण क्षमता क मान कम होता है 
  • इसके पिघलने अथवा जलने पर arc तथा चमक उत्पन्न होता है

कार्टेज फ्यूज (Cartridge Fuse)- 

Cartridge Fuse in hindi
  • कॉटेज फ्यूज की निम्न विशेषताएं होती हैं- 
  • इस फ्यूज का फ्यूज वायर एक पुर क्लीन के बेलनाकार खोखले भाग के अंदर बंद होता है जिसके दोनों सिरों पर कांटेक्ट पॉइंट चालक पदार्थ के बने होते हैं 
  • इसके फ्यूज वायर को बंद रखने से, जब शॉर्ट सर्किट या किसी कारणवश फ्यूज जलता है, तब उसमें से उत्पन्न होने वाले Arc बाहर नहीं निकल पाता है 
  • आग को कम करने के लिए पोर्सलिन के बेलना का ट्यूब में फ्यूज वायर के साथ ही साथ सिलिका अर्थात महीन बालू भर दिया जाता है
  • cartrage फ्यूज में एक लाल रंग का रिबन टाइप इंडिकेटर लगा होता है जो फ्यूज के जल जाने पर टूट जाता है जिससे हमें फ्यूज के उड़ जाने का पता चलता है

डी टाइप कार्टरेज फ्यूज (D Type Fuse in Hindi)- 

डी टाइप कार्टरेज फ्यूज (D Type Fuse in Hindi)
  • यह कार्टरेज फ्यूज का ही एक प्रकार है 
  • इसमें फ्यूज वायर के साथ-साथ केमिकल पाउडर भरा होता है 
  • फ्यूज वायर के आसपास भरा केमिकल पाउडर इस पार्किंग को रोकता है 
  • यह वर्टिकल ड्रिल मशीन तथा अन्य बड़ी मशीनों में लगाए जाते हैं 

एचआरसी फ्यूज (HRC Fuse-High Rupturing Capacity Fuse)-

एचआरसी फ्यूज (HRC Fuse-High Rupturing Capacity Fuse)


  • यह भी एक कार्टरेज फ्यूज होता है 
  • यह फ्यूज इनर्ट आर्क क्वेंचिंग के माध्यम से गिरा होता है 
  • इसका बाहरी आवरण सिरेमिक का बना होता है 
  • इस आवरण के अंदर चमकीले पत्थर का पाउडर फ्यूज वायर के साथ भरा होता है 
  • एचआरसी फ्यूज की मुख्य विशेषता या है कि कुछ समय के लिए अपनी क्षमता से ज्यादा करंट को प्रवाहित कर सकता है 
  • यदि कुछ अंतराल के बाद करंट सामान्य नहीं होती है तब यह फ्यूज उड़ जाता है 
  • एचआरसी फ्यूज का प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है जहां प्रारंभ में कुछ क्षण के लिए अति उच्च धारा की आवश्यकता होती है, तथा उसके पश्चात धारा सामान्य हो जाती है
  • एचआरसी फ्यूज का प्रयोग सबसे ज्यादा विद्युत मोटर ओं में करते हैं
दोस्तों अगर आपको फ्यूज के बारे में और अधिक जानकारी चाहिए तो नीचे कमेंट जरुर करें तथा इसे अधिक से अधिक अपने दोस्तों को शेयर करें धन्यवाद,
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